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Tinnitus Ka Ilaj – कानों में आवाज आने का इलाज

tinnitus ka ilaj

Blog Tinnitus Ka Ilaj – कानों में आवाज आने का इलाज आजकल कई लोग ऐसी समस्या से परेशान रहते हैं जिसमें उन्हें बिना किसी बाहरी आवाज के कानों में सीटी, घंटी, भनभनाहट या फुसफुसाहट जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। कई बार यह समस्या कुछ समय के लिए होती है, लेकिन कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में “Tinnitus” कहा जाता है। शुरुआत में लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या नींद, मानसिक शांति और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने लगती है। Tinnitus कोई बीमारी नहीं बल्कि एक ऐसी स्थिति है जो कानों या शरीर में मौजूद किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकती है। कई मामलों में समय पर इलाज और सही देखभाल से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए यदि कानों में लगातार आवाज सुनाई दे रही हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। Tinnitus क्या होता है? Tinnitus एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को बिना किसी वास्तविक बाहरी स्रोत के कानों में आवाज सुनाई देती है। यह आवाज सीटी, घंटी, भनभनाहट, क्लिकिंग, गूंज या हवा चलने जैसी हो सकती है। कुछ लोगों को यह आवाज एक कान में सुनाई देती है, जबकि कुछ लोगों को दोनों कानों में महसूस होती है। यह समस्या हर व्यक्ति में अलग तरह से दिखाई दे सकती है। किसी में यह आवाज हल्की होती है, तो किसी में इतनी तेज हो सकती है कि ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाए। कई बार शांत वातावरण में यह समस्या ज्यादा महसूस होती है, खासकर रात के समय। Tinnitus किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन बढ़ती उम्र के लोगों में इसका खतरा अधिक देखा जाता है। इसके अलावा तेज आवाज वाले वातावरण में काम करने वाले लोगों में भी यह समस्या आम हो सकती है। कानों में सीटी या घंटी जैसी आवाज क्यों आती है? कानों में आवाज आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर यह समस्या कान के अंदर मौजूद संवेदनशील नसों या सुनने की क्षमता से जुड़ी गड़बड़ी के कारण होती है। जब कानों तक आवाज पहुंचाने वाली कोशिकाएं प्रभावित होती हैं, तब मस्तिष्क गलत सिग्नल को आवाज के रूप में महसूस करने लगता है। कुछ लोगों में यह समस्या तनाव, नींद की कमी या लगातार तेज आवाज सुनने के कारण भी हो सकती है। कई बार कान में मैल जमा होने, संक्रमण होने या सुनने की क्षमता कम होने पर भी Tinnitus की शिकायत शुरू हो जाती है। यदि लंबे समय तक कानों में आवाज आती रहे, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय पर जांच करवाना जरूरी होता है। Tinnitus के मुख्य कारण Tinnitus के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ कारण अस्थायी होते हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक परेशानी पैदा कर सकते हैं। कान में संक्रमण कान में संक्रमण होने पर सूजन और दबाव बढ़ जाता है, जिससे सुनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कई बार संक्रमण के कारण कानों में अजीब आवाजें सुनाई देने लगती हैं। यदि संक्रमण का समय पर इलाज न किया जाए, तो समस्या बढ़ सकती है। तेज आवाज का असर लगातार तेज आवाज सुनना Tinnitus का एक बड़ा कारण माना जाता है। तेज संगीत, मशीनों की आवाज, फैक्ट्री का शोर या लंबे समय तक Earphones का उपयोग कानों की अंदरूनी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे सुनने की क्षमता कमजोर होने लगती है और कानों में आवाज आने की समस्या शुरू हो सकती है। बार-बार घंटी, सीटी या भनभनाहट की आवाज सुनाई देती है? इसका समाधान जानें। Make Appointment बढ़ती उम्र उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी कारण कई बुजुर्ग लोगों में Tinnitus की समस्या देखी जाती है। कान में मैल जमा होना कई बार कान में जरूरत से ज्यादा मैल जमा होने पर भी आवाज सुनाई देने लगती है। यह मैल ध्वनि के सामान्य प्रवाह को प्रभावित करता है। तनाव और चिंता मानसिक तनाव और चिंता भी Tinnitus को बढ़ा सकते हैं। तनाव के दौरान मस्तिष्क अधिक संवेदनशील हो जाता है, जिससे कानों में आवाज ज्यादा महसूस हो सकती है। कुछ दवाइयों का प्रभाव कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के रूप में भी Tinnitus हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। Tinnitus के सामान्य लक्षण Tinnitus के लक्षण व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्यतः निम्न लक्षण दिखाई देते हैं: कानों में लगातार सीटी या घंटी जैसी आवाज आना भनभनाहट या गूंज महसूस होना शांत जगह में आवाज ज्यादा सुनाई देना ध्यान लगाने में परेशानी होना नींद में दिक्कत आना चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव बढ़ना सुनने की क्षमता कम महसूस होना कुछ लोगों में यह आवाज रुक-रुक कर आती है, जबकि कुछ में लगातार बनी रहती है। Tinnitus की जांच कैसे की जाती है? Tinnitus की सही वजह जानने के लिए डॉक्टर कई प्रकार की जांच कर सकते हैं। सबसे पहले मरीज से लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछा जाता है। इसके बाद कानों की जांच की जाती है। सुनने की क्षमता जांचने के लिए Hearing Test किया जाता है। इससे पता चलता है कि मरीज को Hearing Loss तो नहीं है। डॉक्टर विशेष उपकरण की मदद से कान के अंदर संक्रमण, सूजन या मैल की जांच करते हैं। कुछ मामलों में MRI या CT Scan जैसी जांच की जरूरत पड़ सकती है, खासकर जब समस्या लंबे समय से बनी हो। यदि डॉक्टर को किसी अंदरूनी बीमारी का संदेह हो, तो Blood Tests भी करवाए जा सकते हैं। Tinnitus Ka Ilaj – उपचार के तरीके Tinnitus का इलाज उसकी वजह पर निर्भर करता है। कई मामलों में मूल कारण का इलाज करने से समस्या काफी कम हो जाती है। दवाइयों द्वारा इलाज यदि Tinnitus संक्रमण, सूजन या किसी अन्य बीमारी के कारण हो रहा हो, तो डॉक्टर दवाइयों की मदद से इलाज कर सकते हैं। कुछ मामलों में तनाव और चिंता कम करने वाली दवाइयां भी दी जाती हैं। हालांकि हर मरीज में दवाइयों का असर अलग हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के

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